Vishwa Hindi Parishad | विश्व हिंदी परिषद
विश्व हिन्दी परिषद विश्वभर के विश्वविद्यालयों, सांस्कृतिक संस्थानों, शोध संगठनों और हिन्दी प्रचार संस्थाओं के साथ मिलकर वैश्विक स्तर पर हिन्दी भाषा एवं भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए सहयोगात्मक पहल करती है।
साझेदार बनें →अंतरराष्ट्रीय सहयोगी संस्थाएँ
विश्व हिन्दी परिषद का उद्देश्य विश्वभर में हिन्दी भाषा, भारतीय संस्कृति, शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न देशों की संस्थाओं, विश्वविद्यालयों, दूतावासों, सांस्कृतिक परिषदों तथा प्रवासी भारतीय संगठनों के साथ दीर्घकालिक सहयोग स्थापित करना है।
इन सहयोगों के माध्यम से संयुक्त सम्मेलन, शोध परियोजनाएँ, छात्र एवं शिक्षक आदान-प्रदान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और हिन्दी शिक्षण गतिविधियाँ संचालित की जाती हैं।
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ संयुक्त शोध, अकादमिक कार्यक्रम तथा हिन्दी अध्ययन केंद्रों की स्थापना।
सांस्कृतिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और सरकारी निकायों के साथ दीर्घकालिक सहयोग एवं कार्यक्रमों का संचालन।
विश्वभर के हिन्दी प्रेमियों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों एवं सांस्कृतिक संगठनों को एक साझा मंच पर जोड़ना।
विश्व हिन्दी परिषद के साथ संस्थागत सहयोग की प्रक्रिया पारदर्शी, सरल एवं दीर्घकालिक सहभागिता पर आधारित है।
अपनी संस्था, विश्वविद्यालय या संगठन का सहयोग प्रस्ताव परिषद को भेजें।
विशेषज्ञ समिति प्रस्ताव का अध्ययन कर संभावित सहयोग क्षेत्रों पर चर्चा करती है।
दोनों संस्थाओं के बीच साझा उद्देश्यों के आधार पर सहयोग समझौता किया जाता है।
सम्मेलन, शोध परियोजनाएँ, प्रशिक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं छात्र-शिक्षक आदान-प्रदान प्रारम्भ किए जाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय साझेदार
सहयोगी देश
संयुक्त कार्यक्रम
वैश्विक प्रतिभागी
यदि आपकी संस्था, विश्वविद्यालय, सांस्कृतिक संगठन या शोध केंद्र हिन्दी भाषा, भारतीय संस्कृति एवं शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग करना चाहता है, तो हम आपके साथ दीर्घकालिक साझेदारी का स्वागत करते हैं।
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