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Vishwa Hindi Parishad | विश्व हिंदी परिषद

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संस्कृति और भाषा का संगम
🌍 वैश्विक हिन्दी अभियान

संस्कृति और भाषा का संगम

हमारी भाषा हमारी पहचान है। आइए मिलकर हिन्दी को आगे बढ़ाएं।

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50+

जुड़े हुए देश
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50,000+

वैश्विक सदस्य
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500+

कार्यक्रम एवं आयोजन
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25+

सेवा के वर्ष
"भारतरत्न अटल: हिंदी, राष्ट्रवाद और सुशासन” विषय पर विश्व हिंदी परिषद द्वारा 30-31 अक्टूबर, 2026 को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन विज्ञान भवन, नई दिल्ली में किया जा रहा है। प्रतिभागिता हेतु पंजीकरण जारी है ।

विश्व हिन्दी परिषद

विश्व हिन्दी परिषद का उद्देश्य – “हिन्दी को विश्व भाषा बनाना”

विश्व हिन्दी परिषद का उद्देश्य — “हिन्दी को विश्व भाषा बनाना” हिन्दी केवल एक भाषा नहीं… यह हमारी पहचान, हमारी संस्कृति और हमारी आत्मा की अभिव्यक्ति है। यह वह सेतु है जो दिलों को जोड़ता है, विचारों को दिशा देता है और समूचे विश्व को एक परिवार में बाँधने की क्षमता रखता है। विश्व हिन्दी परिषद इसी विश्वास और संकल्प के साथ निरंतर अग्रसर है कि हिन्दी को वैश्विक संवाद, सांस्कृतिक समन्वय और मानवीय मूल्यों की सशक्त भाषा बनाया जाए। परिषद का दृढ़ विश्वास है कि सभी क्षेत्रीय भाषाओं के समन्वय से ही हिन्दी सशक्त बनती है। विविधता में एकता की यह भारतीय परंपरा हिन्दी को विश्व भाषा बनने की दिशा में ऊर्जा और विस्तार प्रदान करती है। लोकमंगल और सर्वकल्याण की भावना से प्रेरित यह संस्था हिन्दी साधकों, विद्वानों, साहित्यकारों और भाषा प्रेमियों को एक सूत्र में पिरोते हुए उसके निरंतर उन्नयन और विकास के लिए समर्पित है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक, और भारत से विश्व के विभिन्न देशों तक—हिन्दी प्रेमियों को एक मंच पर लाकर परिषद पिछले एक दशक से हिन्दी प्रचार-प्रसार की दिशा में एक सशक्त जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। यह केवल भाषा का विस्तार नहीं, बल्कि भावनाओं, विचारों और संस्कृतियों को जोड़ने का सतत प्रयास है।

परिषद का उद्देश्य ऐसी हिन्दी को स्थापित करना है जो समाज-सापेक्ष, व्यावहारिक, प्रकार्यात्मक और जीवंत हो—जो केवल पुस्तकों तक सीमित न रहकर जन-जन की भाषा बने। हिन्दी की बहुआयामी भूमिका—मातृभाषा, राजभाषा, संपर्क भाषा और अंतरराष्ट्रीय भाषा—को सशक्त करते हुए परिषद समय-समय पर विद्वानों और चिंतकों को एकत्र कर उनके कर्तव्यों और दायित्वों का बोध कराती है। विभिन्न राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय सम्मेलनों के माध्यम से हिन्दी के प्रति जागरूकता और समर्पण को नई ऊर्जा दी जाती है। हिन्दी की सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारों से सम्मानित कर उनके प्रयासों को गौरवान्वित किया जाता है—ताकि यह प्रेरणा और आगे बढ़े, और हिन्दी का प्रकाश निरंतर फैलता रहे। विश्व हिन्दी परिषद का संदेश स्पष्ट है — “हिन्दी केवल भाषा नहीं, बल्कि विश्व को जोड़ने वाली सांस्कृतिक चेतना है।”  और देखें   और देखें

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विश्‍व हिन्‍दी परिषद

विश्व हिन्दी परिषद का उद्देश्य — “हिन्दी को विश्व भाषा बनाना”

हिन्दी केवल एक भाषा नहीं… यह हमारी पहचान, हमारी संस्कृति और हमारी आत्मा की अभिव्यक्ति है। यह वह सेतु है जो दिलों को जोड़ता है, विचारों को दिशा देता है और समूचे विश्व को एक परिवार में बाँधने की क्षमता रखता है। विश्व हिन्दी परिषद इसी विश्वास और संकल्प के साथ निरंतर अग्रसर है कि हिन्दी को वैश्विक संवाद, सांस्कृतिक समन्वय और मानवीय मूल्यों की सशक्त भाषा बनाया जाए।

परिषद का दृढ़ विश्वास है कि सभी क्षेत्रीय भाषाओं के समन्वय से ही हिन्दी सशक्त बनती है। विविधता में एकता की यह भारतीय परंपरा हिन्दी को विश्व भाषा बनने की दिशा में ऊर्जा और विस्तार प्रदान करती है। लोकमंगल और सर्वकल्याण की भावना से प्रेरित यह संस्था हिन्दी साधकों, विद्वानों, साहित्यकारों और भाषा प्रेमियों को एक सूत्र में पिरोते हुए उसके निरंतर उन्नयन और विकास के लिए समर्पित है।

कश्मीर से कन्याकुमारी तक, और भारत से विश्व के विभिन्न देशों तक—हिन्दी प्रेमियों को एक मंच पर लाकर परिषद पिछले एक दशक से हिन्दी प्रचार-प्रसार की दिशा में एक सशक्त जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। यह केवल भाषा का विस्तार नहीं, बल्कि भावनाओं, विचारों और संस्कृतियों को जोड़ने का सतत प्रयास है।

परिषद का उद्देश्य ऐसी हिन्दी को स्थापित करना है जो समाज-सापेक्ष, व्यावहारिक, प्रकार्यात्मक और जीवंत हो—जो केवल पुस्तकों तक सीमित न रहकर जन-जन की भाषा बने। हिन्दी की बहुआयामी भूमिका—मातृभाषा, राजभाषा, संपर्क भाषा और अंतरराष्ट्रीय भाषा—को सशक्त करते हुए परिषद समय-समय पर विद्वानों और चिंतकों को एकत्र कर उनके कर्तव्यों और दायित्वों का बोध कराती है।

विभिन्न राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय सम्मेलनों के माध्यम से हिन्दी के प्रति जागरूकता और समर्पण को नई ऊर्जा दी जाती है। हिन्दी की सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारों से सम्मानित कर उनके प्रयासों को गौरवान्वित किया जाता है—ताकि यह प्रेरणा और आगे बढ़े, और हिन्दी का प्रकाश निरंतर फैलता रहे।

विश्व हिन्दी परिषद का संदेश स्पष्ट है —
“हिन्दी केवल भाषा नहीं, बल्कि विश्व को जोड़ने वाली सांस्कृतिक चेतना है।”  और देखें  

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

Madhya Pradesh Uttar Pradesh Karnataka Nagaland Bihar Lakshadweep Andaman and Nicobar Assam West Bengal Puducherry Daman and Diu Gujarat Rajasthan Dadara and Nagar Havelli Chhattisgarh Tamil Nadu Chandigarh Punjab Haryana Andhra Pradesh Maharashtra Himachal Pradesh Meghalaya Kerala Telangana Mizoram Tripura Manipur Arunanchal Pradesh Jharkhand Goa NCT of Delhi Odisha Jammu and Kashmir Sikkim Uttarakhand

कार्यक्रम एवं पहल

📖

हिन्दी प्रचार अभियान

हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार हेतु विशेष अभियान।

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🎓

शोध एवं शिक्षा

हिन्दी शिक्षा, प्रशिक्षण एवं शोध गतिविधियों को बढ़ावा।

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🏆

सम्मान समारोह

हिन्दी सेवा एवं साहित्यिक योगदान के लिए सम्मान।

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अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

विश्व भर के हिन्दी प्रेमियों, विद्वानों एवं शोधकर्ताओं को एक साझा मंच प्रदान करना।

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🎭

सांस्कृतिक आयोजन

भारतीय संस्कृति, साहित्य एवं भाषायी विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु विशेष आयोजन।

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🤝

वैश्विक सहयोग

विश्वभर की हिन्दी संस्थाओं, विश्वविद्यालयों एवं हिन्दी प्रेमियों के साथ सहयोग और समन्वय।

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हिन्दी के इस वैश्विक अभियान से जुड़ें

सदस्य बनकर आप भी हिन्दी के प्रचार-प्रसार में योगदान दें।

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सम्मान एवं उपलब्धियाँ

हिन्दी भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को परिषद द्वारा सम्मानित किया जाता है।

सम्मान एवं पुरस्कार देखें →

1000+

सम्मानित व्यक्ति

200+

सम्मानित संस्थाएँ

15+

राष्ट्रीय पुरस्कार

सम्मान

डॉ. शकुंतला सरूपरिया जी को किया गया सम्मानित साहित्यिक
डॉ. शकुंतला सरूपरिया जी को किया गया सम्मानित
June 18, 2024 0

अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन 2023 में उदयपुर से आयी प्रख्यात लेखिका एवं विश्व हिन्दी परिषद की राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. शकुंतला सरूपरिया जी को स्वस्थ राज्य मंत्री...


नीदरलैंड से डॉ. पुष्पिता अवस्थी जी को राजभाषा सम्मान से सम्मानित किया गया। साहित्यिक
नीदरलैंड से डॉ. पुष्पिता अवस्थी जी को राजभाषा सम्मान से सम्मानित किया गया।
June 18, 2024 0

नीदरलैंड से विश्व हिन्दी परिषद द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विशेष अतिथि के तौर पर आयी डॉ. पुष्पिता अवस्थी जी को राजभाषा सम्मान से सम्मानित...


लंदन से सुश्री सिम्मी राठौड़ को सम्मानित किया गया। साहित्यिक
लंदन से सुश्री सिम्मी राठौड़ को सम्मानित किया गया।
June 18, 2024 0

लंदन से आयी सोशल मीडिया में हिन्दी भाषा को संर्वधित करने हेतु सुश्री सिम्मी राठौड़ जी को सम्मानित करते हुए मणिपुर के महामहिम राज्यपाल ।


समाचार

सिंगापुर से श्री ममता मंडल जी को राजभाषा सम्मान से सम्मानित किया गया।
उज़्बेकिस्तान से उल्फत मुखी बोवा जी को राजभाषा सम्मान से सम्मानित किया गया
निदरलैंड से डॉ. पुष्पिता अवस्थी जी को राजभाषा सम्मान से सम्मानित किया गया।

झलकियां

समाचार पत्र एवं न्यूज़लेटर

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स्वर्णिम भारत अभियान

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भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए स्वर्णिम भारत अभियान में आपका हार्दिक स्वागत है। 

 विश्व हिंदीं परिषद द्वारा चलाए जा रहे स्वर्णिम भारत अभियान में आप प्रखंड/ जिला /राज्य /राष्ट्रीय स्तर की कार्यकरी समिति में शामिल होने के लिए आमंत्रित है। आपका हार्दिक स्वागत हैI विश्व हिंदी परिषद् का प्रकल्प

परिषद द्वारा आयोजित "भारत को जानो" कार्यक्रम में सहयोगी संस्था

सोशल मीडिया एवं मीडिया उपस्थिति

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