विश्व हिन्दी परिषद भारतीय संस्कृति, भाषा, साहित्य, कला और परंपराओं को विश्वभर में प्रसारित करने के उद्देश्य से विविध सांस्कृतिक आयोजनों, उत्सवों और साहित्यिक कार्यक्रमों का नियमित आयोजन करती है।
कार्यक्रम देखें →सांस्कृतिक कार्यक्रम
विश्व हिन्दी परिषद का मानना है कि भाषा और संस्कृति एक-दूसरे की पूरक हैं। इसलिए परिषद विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों, साहित्यिक गोष्ठियों, संगीत एवं नृत्य प्रस्तुतियों, नाट्य मंचनों तथा लोककला कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय विरासत को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करने का सतत प्रयास करती है।
इन आयोजनों में देश-विदेश के कलाकार, साहित्यकार, शोधकर्ता और युवा प्रतिभाएँ एक साथ आकर भारतीय संस्कृति की विविधता और समृद्धि का उत्सव मनाते हैं।
भारतीय शास्त्रीय, लोक एवं समकालीन संगीत कार्यक्रमों के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण एवं प्रचार।
भारत की विविध नृत्य परंपराओं जैसे कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी एवं लोकनृत्यों की भव्य प्रस्तुतियाँ।
कवि सम्मेलन, पुस्तक विमोचन, साहित्यिक चर्चा एवं हिन्दी लेखकों के साथ संवाद कार्यक्रम।
वर्षभर आयोजित होने वाले प्रमुख कार्यक्रम भारतीय संस्कृति, हिन्दी भाषा और साहित्य को समर्पित होते हैं।
युवा लेखकों, कवियों एवं साहित्य प्रेमियों के लिए विशेष साहित्यिक सम्मेलन एवं संवाद।
भारतीय भाषाओं, संस्कृति एवं वैश्विक हिन्दी के विकास पर राष्ट्रीय संगोष्ठी।
हिन्दी दिवस के अवसर पर सम्मान समारोह, कवि सम्मेलन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ।
देश-विदेश के कलाकारों एवं हिन्दी प्रेमियों की सहभागिता वाला सांस्कृतिक महोत्सव।
यदि आप कला, साहित्य, संगीत, नृत्य या भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं प्रचार में रुचि रखते हैं, तो विश्व हिन्दी परिषद के सांस्कृतिक आयोजनों का हिस्सा बनें और अपनी प्रतिभा से समाज को प्रेरित करें।
अभी सहभागिता करें →