बरेली कॉलेज, बरेली में “भारतीय भाषाओं में ज्ञान परम्परा” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन एवं सम्मान समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में विश्व हिंदी परिषद के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विपिन कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाएं भारत की सांस्कृतिक चेतना और ज्ञान परंपरा की मूल आधारशिला हैं। उन्होंने हिंदी को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने हेतु सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में विश्व हिंदी परिषद के महाराष्ट्र उपाध्यक्ष एवं केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रो. पुरुषोत्तम कुंदे तथा राष्ट्रीय संपर्क समन्वयक डॉ. नन्दकिशोर साह उपस्थित रहे। संगोष्ठी का सफल संचालन सचिव प्रो. मनु प्रताप सिंह के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ।
भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद ,शिक्षा सांस्कृतिक उत्थान न्यास, दिल्ली, विश्व हिंदी परिषद एवं हिंदी विभाग, बरेली कॉलेज, बरेली के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें देश-विदेश के विद्वानों, शोधार्थियों, शिक्षकों एवं भाषा-चिंतकों ने सक्रिय सहभागिता की।
अंत में सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का संकल्प लिया गया।