विश्व हिंदी परिषद के अध्यक्ष, पूर्व राज्यसभा सांसद एवं भारत सरकार की संसदीय राजभाषा समिति के निवर्तमान उपाध्यक्ष, पद्मश्री एवं पद्मभूषण से सम्मानित आचार्य यार्लगड्डा लक्ष्मीप्रसाद जी का संदेश
हिन्दी हमारी विरासत, हमारी अभिव्यक्ति और हमारी एकता का आधार है। विश्व हिन्दी परिषद का उद्देश्य हिन्दी को वैश्विक स्तर पर स्थापित करते हुए उसे जन-जन की सहज, सशक्त और व्यवहारिक भाषा बनाना है।
हम सभी क्षेत्रीय भाषाओं के समन्वय के साथ हिन्दी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि यह न केवल भारत की, बल्कि विश्व की भी संवाद भाषा बन सके। देश-विदेश के हिन्दी प्रेमियों और विद्वानों को एक मंच पर जोड़ना ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।
आप सभी से आग्रह है कि इस अभियान का हिस्सा बनें और हिन्दी को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाने में अपना योगदान दें।
“हिन्दी—हमारी पहचान, हमारा अभिमान, और विश्व से जुड़ने का सेतु।”