Skip to main content

Vishwa Hindi Parishad | विश्व हिंदी परिषद

+(011) 35990037 , +(91) 8586016348

16 अप्रैल, 2026 को भारती कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी के औपचारिक एवं तकनीकी स्वरूप पर चर्चा, विश्व हिंदी परिषद की महत्वपूर्ण पहल

विश्व हिंदी परिषद एवं भारती कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में “राष्ट्रभाषा हिंदी का भविष्य एवं औपचारिक हिंदी” विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।

इस कार्यशाला का उद्देश्य हिंदी के भविष्य, उसके औपचारिक स्वरूप तथा प्रशासनिक एवं तकनीकी क्षेत्रों में उसकी बढ़ती भूमिका पर गंभीर विचार-विमर्श करना रहा।

इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विपिन कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में हिंदी को नई दिशा मिल रही है और प्रशासनिक व तकनीकी क्षेत्रों में इसका विस्तार तेजी से हो रहा है। उन्होंने हिंदी को डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-गवर्नेंस एवं आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर विशेष बल दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि हिंदी का उज्ज्वल भविष्य उसके औपचारिक, मानकीकृत और व्यावहारिक प्रयोग पर निर्भर करता है, और इसे शासन-प्रशासन, शिक्षा, न्याय एवं तकनीक की सशक्त भाषा के रूप में विकसित करना समय की आवश्यकता है।

मुख्य वक्ता प्रो. पूरनचंद टंडन ने नई पीढ़ी को हिंदी के मानक स्वरूप से जोड़ने पर जोर दिया, वहीं डॉ. स्वर्णिम दीक्षित ने हिंदी के प्रशासनिक एवं औपचारिक प्रयोग की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या प्रो. सलोनी गुप्ता ने की तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. ज्योति मिश्रा उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय प्रो. मंजु शर्मा द्वारा किया गया, जबकि आयोजन में सहयोग डॉ. अभिषेक पुनीत ने प्रदान किया।

कार्यशाला में विभिन्न सरकारी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही।

अंत में सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।

📣 हमसे जुड़ें हमारा WhatsApp Channel Join करें! ▶ Join Now
WhatsApp